साइबर अटैक, ऑनलाइन ठगी आदि का शिकार होने से बचने के 10 टिप्स। - Tech and Gyan-इंडिया का श्रेष्ठ हिंदी ब्लॉग- Technology (तकनीक) और ज्ञान की बातें हिंदी में

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साइबर अटैक, ऑनलाइन ठगी आदि का शिकार होने से बचने के 10 टिप्स।

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इस ऑलवेज ऑनलाइन दुनिया में साइबर अटैक से कैसे बचें?


इस लगातार बदलती दुनिया में हमारी निर्भरता इंटरनेट पर लगातार बढ़ती चली जा रही है। आज इंटरनेट का प्रयोग केवल जानकारी अर्थात इंफॉर्मेशन के आदान-प्रदान के लिए ही नहीं किया जाता बल्कि इसके माध्यम से हम बहुत सारे अन्य कार्यों को भी संपादित करते हैं।

रुपए पैसों का लेनदेन से लेकर मोबाइल रिचार्ज करने, बिजली का बिल पे करने, इंसुरेंस की किस्त भरने आदि के लिए भी इंटरनेट का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। नए परिप्रेक्ष्य में शिक्षा के लिए भी इसका प्रयोग बहुत अधिक हो रहा है।

 इंटरनेट ऑफ थिंग्स अर्थातआईओटी आ जाने के बाद से हमारे घर, ऑफिस के सभी छोटे बड़े उपकरण इंटरनेट से कनेक्ट किए जा रहे हैं परंतु इस पूरे प्रक्रम में जो सबसे बड़ी समस्या है वह हमारी प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर के है। आए दिन हम लोग इंटरनेट के माध्यम से उन लोगों के बारे में समाचार सुनते रहते हैं जिनको इंटरनेट के माध्यम से ठग लिया गया हो। चाहे उनके अकाउंट में से पैसे निकाल लिए गए हो चाहे उनके मोबाइल फोन से किसी फोटो को चुराकर वायरल कर दिया गया हो या इसी प्रकार से रेंसमवेयर अटैक के बारे में भी हम लगातार खबरें सुनते रहते हैं।

आज मैं यहां पर उन उपायों के बारे में चर्चा करूंगा जिसका प्रयोग करने से हम अपनी सुरक्षा को बहुत हद तक बढ़ा सकते हैं और इंटरनेट की दुनिया में आने वाले खतरों से स्वयं को बचा सकते हैं।

1. http:// की बजाए https:// से प्रारंभ होने वाली वेब साइट्स का प्रयोग।


जब भी हम कभी किसी भी प्रकार का पासवर्ड इंटरनेट की किसी वेबसाइट पर डालते हैं तो हमें इस बात की जानकारी कर लेनी चाहिए किस वेबसाइट के डोमेन नेम की शुरुआत https:// से हो ऐसा करने से हमारा पासवर्ड बहुत हद तक सुरक्षित रह सकता है।

2.सदैव मजबूत पासवर्ड का चयन करें।


गूगल तथा अन्य वेबसाइट के माध्यम से लगातार कमजोर पासवर्ड्स की लिस्ट निकाली जाती है।
उदाहरण के लिए 12345 पासवर्ड को ही ले लीजिए। इस तरह के आसान पासवर्ड का प्रयोग कर हम अपनी सुरक्षा को खुद ही समाप्त कर लेते हैं और अवांछित तत्वों को आमंत्रित करते हैं। इस तरह के पासवर्ड का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। पासवर्ड बनाते समय उसमें अंग्रेजी के 26 अक्षरों, 0 से 9 तक के अंक तथा स्पेशल कैरक्टर्स के कॉन्बिनेशन का ही प्रयोग करना चाहिए। अंग्रेजी के 26 अक्षरों में कैपिटल और स्माल दोनों अक्षरों के कॉन्बिनेशन का प्रयोग करना चाहिए। ऐसा पासवर्ड एक मजबूत पासवर्ड होगा और हमारी सुरक्षा मजबूत रहेगी।
आसान पासवर्ड्स का चयन कर हम अपना काम आसान करना चाहते हैं पर ऐसा करके हम अपने आप को मुश्किल में डाल रहे होते हैं इसलिए आसान पासवर्ड चुनने की गलती कभी ना करें।

3. अनजान स्रोत से प्राप्त ईमेल्स पर कोई प्रतिक्रिया ना दें।


हम अपनी ईमेल आईडी पर आए दिन बहुत सारी ऐसी मेल प्राप्त करते हैं जिसमें लाखों की लॉटरी निकलने की बात की जाती है या किसी स्कीम का लालच दिया जाता है ऐसी मेल्स को रिप्लाई करना तो बहुत दूर की बात ओपन भी करने से बचना चाहिए। यदि उसके साथ में कोई फाइल अटैच हो तो उसे किसी भी परिस्थिति में ना खोलें ना ही उसे डाउनलोड करें। उस ईमेल को बिना ओपन किए डिलीट कर दें साथ ही रिपोर्ट भी कर दें।

4. सदैव अपडेटेड रहें।


अपने मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को, फोन में इंस्टॉल्ड एप्स को, इसी प्रकार अपने कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम को तथा उसमें उपलब्ध सॉफ्टवेयर को निरंतर अपडेट करते रहें। सदैव लेटेस्ट वर्जन का प्रयोग करें ऐसा करने से आप अपनी सुरक्षा को पुख्ता कर लेंगे। कुछ लोग फोन खरीदने के बाद और एप्स इंस्टॉल करने के बाद उसे अपडेट करना बिल्कुल भी जरूरी नहीं समझते इस आदत को तुरंत बदले जाने की जरूरत है।

5.एंटीवायरस का प्रयोग करें।


हमारे देश भारत में लोगों में इस तरह की प्रवृत्ति पाई जाती है कि बहुत सारे लोग सॉफ्टवेयर पर कोई रकम खर्च ना करके पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। परंतु ऐसा करना हमारे डाटा को खतरे में डालता है। सदैव  अच्छे एंटीवायरस को खरीद कर प्रयोग करें साथ ही उसे निरंतर अपडेट करते रहें।

6. डुअल प्रोटेक्शन लेयर का प्रयोग करें।


अपने ईमेल को लॉगइन करते समय हम लोग यूजर नेम और पासवर्ड का प्रयोग करते हैं परंतु अपने अकाउंट की सेटिंग में जाकर यदि डुअल प्रोटेक्शन लेयर को इनेबल कर दिया जाए तो यूजर आईडी और पासवर्ड के अतिरिक्त हमें मोबाइल पर एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसका प्रयोग करने के बाद ही हम अपनी ईमेल आईडी में लॉगिन कर पाएंगे इस सर्विस का प्रयोग करके हम अपनी सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं।

7. अनजान लोगों को उपकरण ना दें।


अनजान लोगों को अपना मोबाइल फोन अथवा कंप्यूटर उपयोग करने के लिए ना दें, हो सकता है उसमें से कोई जानबूझकर हमारे मोबाइल अथवा लैपटॉप में कोई ऐसा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दे जो हमारी बिना जानकारी के लिए हमारे डाटा को चुराकर किसी अन्य स्थान पर भेजता रहे।

8. फ्री वाईफाई का प्रयोग सावधानी से करें।


कई बार हमें रेलवे स्टेशन पर बस स्टैंड पर अथवा अन्य बहुत सारे स्थानों पर फ्री वाईफाई हॉटस्पॉट मिलते हैं जिसके माध्यम से हम मुफ्त में इंटरनेट का प्रयोग करते हैं परंतु ऐसे नेटवर्क में किसी प्रकार के पैसों के ट्रांजैक्शन से बचें साथ ही उन वेबसाइट्स को भी विजिट ना करें जहां पर आपको पासवर्ड एंटर करने की आवश्यकता हो।

9. संभव हो तो (VPN-वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क)का प्रयोग करें।


VPN का प्रयोग करके हम खुद की प्राइवेसी तथा सिक्योरिटी को कायम रखते हुए इंटरनेट को एक्सेस कर सकते हैं। लिमिटेड सुविधाओं के साथ वीपीएन सर्विस हमें फ्री मिल जाती है परंतु उसके सभी फीचर्स का प्रयोग करने के लिए पेड सर्विस का प्रयोग करना पड़ता है।

10. अपने उपकरणों पर ही रुपए पैसे का ट्रांजैक्शन करें।


जब भी इंटरनेट के माध्यम से किसी तरह का पेमेंट करना हो तो अपने मोबाइल फोन या अपने कंप्यूटर का ही प्रयोग करें। किसी साइबर कैफे का या अज्ञात लोगों के उपकरण से यह कार्य करने से बचें। ऐसा करके आप अपनी सुरक्षा को अधिक पुख्ता करेंगे।

इन सारी बातों को ध्यान में रखने के बावजूद आप मन में यह धारणा कतई ना लाएं कि मैं सभी सुरक्षा नियमों का पालन करता हूं इसलिए मैं सुरक्षित हूं। इंटरनेट की दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं होता बहुत सारी सावधानी बरतने के बावजूद हमारी साइबर सिक्योरिटी में सेंध लग सकती है। यदि ऐसा हो तो इसे इग्नोर ना करें और तुरंत संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें।

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