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इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet Of Things) क्या है?

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इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet Of Things)

आपने कभी ना कभी आई ओ टी अर्थात इंटरनेट ऑफ थिंग्स शब्द जरूर सुना होगा। आज मैं आपको इसके बारे में पूरी जानकारी आसान भाषा में दूंगा। 

यदि हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स अर्थात आई ओ टी को परिभाषित करें तो तो इसकी परिभाषा होगी सभी तरह की फिजिकल वस्तुओं को एक विशेष आई डी प्रदान करके इंटरनेट की दुनिया से जोड़ देना ताकि वे वस्तुएं बिना मानव या कंप्यूटर के हस्तक्षेप के भी एक दूसरे से संपर्क कर सकें अर्थात सूचना का आदान प्रदान कर सकें।

काल्पनिक उदाहरण


कल्पना कीजिए कि आप सुबह-सुबह अपने स्मार्ट वॉच के अलार्म बजने से उठते हैं। तत्पश्चात आप दैनिक कार्यों को निपटाते हुए ब्रश करते हैं। आपके हाथ में स्मार्ट वॉच का सेंसर इस बात को भांप लेता है और वह गीजर को नहाने का पानी गरम करने के लिए मैसेज भेज देता है। पानी गर्म हो चुका है आप बाथरूम में घुस चुके हैं।
बाहर आने के बाद आपका स्मार्ट स्पीकर आपको दुनिया भर की खबरें सुनाना शुरू कर देता है। आप अपने स्मार्ट स्पीकर से अपने दिन भर का शेड्यूल पूछते हैं और वह एक-एक करके आपको सब बता देता है।
तैयार होकर आप जैसे ही अपने फ्लैट से बाहर निकलते हैं आपके घर की लाइट, पंखे खुद ब खुद बंद हो जाते हैं और हमेशा ऑन रहने वाली डिवाइसेज पावर सेविंग मोड में चली जाती हैं।
आप अपनी कार के पास पहुंचते हैं कार में लगा हुआ स्मार्ट डिस्प्ले कार में लगे इंजन की हेल्थ रिपोर्ट, टायरों की हवा, फ्यूल की मात्रा आदि की जानकारी आपको उपलब्ध करा देता है। यह सब कुछ आप पूरी दुनिया पर कहीं भी रह कर कंट्रोल कर सकते हैं क्योंकि यहां उपस्थित सभी चीजें इंटरनेट की दुनिया से कनेक्टेड हैं। आप अभी सिर्फ घर से निकले हैं। रास्ते भर में, ट्रैफिक में आपके साथ आसपास चलने वाली गाड़ियों में, ऑफिस में भी इसी तरह की डिवाइसेज एक दूसरे से कनेक्टेड हो तो यही तो है इंटरनेट ऑफ थिंग्स।


यह उदाहरण वर्तमान में उपलब्ध आई ओ टी डिवाइस का वास्तविक उदाहरण है। वास्तव में आई ओ टी की दुनिया शुरुआती चरण में है। भविष्य में हम लगभग सभी चीजों को इससे कनेक्ट कर पाएंगे।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग करने वाले विभिन्न क्षेत्र


1. स्मार्ट होम


हमारे घर में उपलब्ध लगभग सभी वस्तुएं जैसे कि दरवाजे, पंखे, कूलर, रेफ्रिजरेटर, एलइडी लाइट्स, टेलीविजन सीसीटीवी कैमरा इत्यादि यदि इंटरनेट से कनेक्टेड हो तो हम अपने बहुत से कार्यों को काफी आसान और तेज बना सकते हैं।

2. स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट


आज इस पूरी दुनिया में जिस की आबादी 700 करोड़ है अकेले भारत में 135 करोड़ लोग रहते हैं। हजारों नई गाड़ियां सड़क पर रोज आ जाती हैं और ट्रैफिक को मैनेज करना दिन प्रतिदिन कठिन होता चला जा रहा है। क्योंकि अभी तक ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरी तरह मैनुअल तरीके से कुछ व्यक्तियों द्वारा किया जाता है।
कल्पना कीजिए कि यदि सभी गाड़ियां इंटरनेट ऑफ थिंग्स सर्विस से अटैच हो तथा सड़कों पर एक निश्चित अंतराल पर विशेष सेंसर लगे हो जो गाड़ियों की संख्या गिन कर एक कॉमन कंट्रोल स्टेशन को रिपोर्ट करते हों। इस तरह से पूरे शहर की गाड़ियों की संख्या की जानकारी लाइव में कंट्रोल स्टेशन के पास पहुंच रही हो तो वह किसी खास सड़क पर गाड़ियों की अधिक संख्या होने पर यह मैसेज गाड़ियों की डिस्प्ले बोर्ड पर भेज देगा और गाड़ियों के रूट को डाइवर्ट करके इस तरह से मैनेज करेगा ताकि कम से कम तकलीफ हो।

3. एनर्जी मैनेजमेंट


यदि किसी घर में अथवा फैक्ट्री में अधिकतम वस्तुएं इंटरनेट ऑफ थिंग्स सर्विस से अटैच हो तथा विशेष कंट्रोल सेंटर से अटैच हो तो वह लगातार उनके प्रयोग होने वाले पैटर्न को रिकॉर्ड कर सकता है और प्रयोग ना होने की स्थिति में स्वतः ही पावर सेविंग मोड में जा सकते हैं या खुद को ऑफ कर सकते हैं इस तरह से ऊर्जा की बचत बहुत बेहतर तरीके से की जा सकती है।

4. मेडिकल व हेल्थ केयर


स्मार्ट वॉच अथवा इस तरह का कोई अन्य उपकरण हम शरीर पर धारण करके लगातार अपनी धड़कनों, ब्लड प्रेशर, सांस की गति आदि को ट्रैक कर सकते हैं तथा असामान्य होने की स्थिति में वह डिवाइस अलार्म जाकर हमें तुरंत सतर्क कर सकती है।

5. एग्रीकल्चर में


हम विभिन्न प्रकार के सेंसर तथा आई ओ टी डिवाइसेज का प्रयोग करके मिट्टी के तापमान, मिट्टी में उपलब्ध तत्व, आद्रता, वायु की गति आदि को मॉनिटर कर सकते हैं तथा उसके आधार पर अपने डिसीजन ले सकते हैं जिससे अधिक गुणवत्ता वाली फसल अधिक मात्रा में कम समय में तथा कम मेहनत में प्राप्त की जा सकती है।

वास्तव में यह केवल इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग करने के कुछ उदाहरण मात्र हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स की अवधारणा इतनी विस्तृत है कि कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं रह सकता। सभी क्षेत्रों में इसका प्रयोग किया जा सकता है वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में इसका प्रयोग हो रहा है परंतु उसका भविष्य असीमित है

इंटरनेट ऑफ थिंग्स की चुनौतियां


1.सिक्योरिटी एवं प्राइवेसी


इंटरनेट ऑफ थिंग्स की सबसे बड़ी चुनौती सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर के है। वास्तव में सभी चीजें यदि इंटरनेट से कनेक्ट हो जाएंगी तो हैकर्स की पहुंच उन सभी चीजों तक हो जाएगी और यह सभी चीजें हमारे आस पास हर जगह हर समय मौजूद रहेंगी तो सिक्योरिटी का रिस्क भी हर समय तथा हर जगह बना रहेगा।

2.टेक्नोलॉजी के पुराने होने से उत्पन्न होने वाला कचरा


इसके अतिरिक्त कुछ अन्य चुनौतियां भी हैं जैसे कुछ कंपनियां अपने लाभ के लिए जानबूझकर डिवाइसेज की तकनीक को इस तरह से अपडेट कर सकती हैं ताकि पुरानी आईओटी डिवाइसेज बेकार हो जाए। इससे वस्तुओं का बहुत बड़ा कचरा तैयार हो सकता है जो पहले से ही कचरे का ढेर बनते पर्यावरण के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स हर चीज को स्मार्ट बना सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके हर चीज को कंप्यूटर की तरह प्रयोग किया जा सकता है। जिससे उन वस्तुओं का प्रयोग करने के तरीकों की असीमित संभावनाएं बन सकती हैं। कुछ चुनौतियां जरूर है परंतु इसके लाभों को देखते हुए उन चुनौतियों को दूर करके इंटरनेट ऑफ थिंग्स को अपनाने की आवश्यकता है।

भारत सरकार ने भी स्मार्ट सिटी परियोजना पर कार्य शुरू कर दिया है जो अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले कुछ वर्षों में हमें इस तरह की बहुत सारी स्मार्ट सिटी देखने को मिल सकती हैं जहां लगभग सभी वस्तुएं इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक का प्रयोग कर रही होंगी तथा तकनीक की दुनिया में नए आयाम बना रही होंगी।

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